नहाय-खाय के साथ चैती छठ की शुरुआत, घर से ही पर्व मनाने की अपील

Chhath Puja special
-प्रतीकात्मक तस्वीर -

रोहतास पत्रिका/डेस्क:

लोक आस्था के महापर्व चैती छठ की शुरुआत आज नहाय खाय के साथ हो गई है। चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय के दिन से होती है। आस्था का महापर्व छठ पर्व साल के चैत्र माह में और कार्तिक माह में मनाया जाता है। 

आज यानी 16 अप्रैल को चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय है। वहीं, 17 अप्रैल दिन शनिवार को पंचमी तिथि में लोहंडा या खरना होगा। इस दिन छठ व्रती पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम में गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद इसी प्रसाद के साथ कुछ खाया जाता है। 

18 अप्रैल को षष्ठी तिथि को शाम में छठ व्रती नदी और तालाब तट पर पहुंचकर सूर्य देवता को अर्घ्य देंगे। फिर 19 अप्रैल सप्तमी तिथि को सुबह नदी और तालाब के तट पर पहुंचकर उगते सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाएगा। इस व्रत को करने के नियम इतने कठिन होते हैं कि इसी वजह से इसे महापर्व और महाव्रत के नाम से जाना जाता है। 

हालांकि इस साल भी बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने छठव्रतियों को पटना के घाटों, तलाबों में छठ अर्घ्य नहीं देने की हिदायत दी है। लोगों से घर पर ही छठ व्रत मनाने की अपील की गई है।