हाईकोर्ट के जज को WhatsApp से आया मेल, केस छोड़ने को लेकर किया था जिक्र

रोहतास पत्रिका/डेस्क:

WhatsApp मामले में सुनवाई कर रही हाई कोर्ट की जज प्रतिभा एम. सिंह ने खुद को याचिकाओं पर सुनवाई से अलग कर लिया है। यह फैसला उन्होंने फेसबुक (Facebook) या वॉट्सऐप (WhatsApp) की तरफ से भेजे गए मेल की वजह से लिया है। हालाँकि कंपनी के वकील ने तुरंत मेल को वापस लेने की बात कही है।

WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद में एक नया ट्विस्ट आ गया है। आपको बता दें कि Facebook स्वामित्व वाली कंपनी WhatsApp के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई कर रही हाई कोर्ट की जज प्रतिभा एम. सिंह को WhatsApp की तरफ से एक मेल भेजा गया है। उस मेल के माध्यम से उनको केस की सुनवाई न करने को कहा गया है। वहीं इस मेल के बाद जज प्रतिभा एम. सिंह ने भी केस की सुनवाई करने से मना कर दिया है।

न्यायमूर्ति सिंह ने पुरे मामलें पर जताया कड़ा एतराज

इस वाक्या पर कड़ा ऐतराज जताते हुए न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि वह मामले पर सुनवाई नहीं कर सकती हैं और हाई कोर्ट की रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इसे मुख्य न्यायाधीश के आदेश से 18 जनवरी को उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें। उन्होंने कहा कि मामला जनहित याचिका (PIL) की प्रकृति का प्रतीत होता है। एक वकील की तरफ से दायर याचिका में कहा गया कि नई प्राइवेसी पॉलिसी संविधान के तहत प्राइवेसी के अधिकारों का हनन करती है।

आपको बता दें कि जज प्रतिभा सिंह को मिले इस ई-मेल में लिखा था कि प्राइवेसी मामले में सुनवाई नहीं करनी चाहिए। ये मेल पढ़ने के बाद उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के ई-मेल की जरूरत नहीं थी। आगे उन्होंने कहा कि वह मामले में सुनवाई करने नहीं जा रही हैं। वहीं इसके बाद Facebook तथा WhatsApp की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल तथा मुकुल रोहतगी ने कहा कि ई-मेल को बिना किसी शर्त के वापस लिया जा रहा है।

WhatsApp के नई प्राइवेसी पालिसी से जुड़ा हुआ है यह विवाद

बहरहाल आपको बता दें कि यह पूरा विवाद व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट से जुड़ा हुआ है। अपडेटेड नीति उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों पर पूरी पहुंच की अनुमति देता है और इसमें सरकार की कोई निगरानी नहीं है। इसके तहत उपयोगकर्ता या तो इसे स्वीकार करता है या ऐप से बाहर हो जाता है, लेकिन वे अपने डाटा को फेसबुक के शेयर स्वामित्व वाले दूसरे मंच या किसी अन्य ऐप के साथ साझा नहीं करने का विकल्प नहीं चुन सकते है क्योकि कंपनी ने कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here