रोहतास: मिर्ज़ापुर में हुए हत्या की गुत्थी को प्रशासन ने सुलझाया, 4 गिरफ्तार

Death Mistry of 3 People of rohtas
- गिरफ्तार आरोपियों के साथ पुलिस बल के जवान

रोहतास पत्रिका/मिर्ज़ापुर:

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) के चुनार कोतवाली के नंदूपुर-रूदौली गांव के पास सड़क किनारे मिले तीन शव मामलें की गुत्थी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुलझा लिया है। मिर्जापुर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि रोहतास जिले के दरिगांव थाना क्षेत्र के बड़की करपुरवा निवासी कृष्णा सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते अपने भांजे पिटू सिंह समेत तीन युवकों की हत्या कराई थी। वारदात को अंजाम उसके छोटे भाई अनिल सिंह एवं कोचस प्रखंड क्षेत्र के चितांव पंचायत के मुखिया उमेश सिंह एवं अन्य ने सुपारी किलरों के साथ मिलकर अंजाम दिया था।

इस मामलें में चार गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को कोचस थाना क्षेत्र के सैलास से गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो तमंचा व दो कारतूस बरामद हुआ है। चारों को जेल भेज दिया गया है जबकि कृष्णा सिंह, मुखिया उमेश सिंह सहित तीन अभी भी फरार चल रहे हैं।

सड़क किनारे मिले थे 3 शव

14 मार्च को मिर्ज़ापुर(यूपी) के नंदूपुर गांव के पास सड़क किनारे रोहतास के तीन युवकों का शव मिला था। उनकी शिनाख्त रोहतास जिले के काराकाट निवासी घुघली सिंह के 22 वर्षीय पुत्र राजकुमार यादव, अकोढ़ीगोला निवासी राजेंद्र सिंह के 28 वर्षीय पुत्र पिटू सिंह तथा काराकाट थाना क्षेत्र के जमुआ निवासी जिमदार के 25 वर्षीय पुत्र ओमकार के रूप में हुई थी।

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मृतक राजकुमार के पिता घुघली सिंह ने रोहतास जिले दरीगांव थाना क्षेत्र के बड़की कर्पुरवा निवासी कृष्णा सिंह उर्फ विनोद बिहारी, अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र के खिचड़िया बिगहा निवासी लाल बहादुर के खिलाफ आवेदन देकर पुत्र राजकुमार समेत अन्य की हत्या किए जाने का आरोप लगाया था।

हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए बनाई गयी थी तीन टीमें

घटना का पर्दाफाश करने के लिए मिर्ज़ापुर एएसपी महेश सिंह अत्री के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया था। टीम 24 मार्च को रोहतास जिले के कोचस थाना क्षेत्र के सैलास गांव पहुंची। जहां रोहतास पुलिस की मदद से चार आरोपित विकास राय, अंशु यादव, अनिल कुमार सिंह एवं कैमूर जिले के अफजाल अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।

जमीनी विवाद में हुई है हत्या

पिंटू अपनी माँ एवं भाई राजा के पिता के मौत हो जाने के बाद ननिहाल में रहता था। पिंटू कुछ समय बाद ननिहाल के जमीन में हिस्सा मांगने लगा। इसको लेकर विरोध शुरू हो गया। इसी दौरान 2018 में पिंटू की मां की किसी ने हत्या कर दी। पिंटू और उसके भाई राजा ने समझा कि उसकी मां की हत्या मामा कृष्णा सिंह, अनिल सिंह व ममेरे भाई राहुल सिंह ने जमीनी विवाद के चलते किया है। इसी से नाराज होकर उसने 2019 में ममेरे भाई राहुल सिंह की गोली मार हत्या कर दी। राजा जेल में है जबकि पिंटू जमानत पर छूटा हुआ था है।

पिंटू अपने मामा अनिल सिंह व कृष्णा सिंह की हत्या करना चाहता था। यह देख उसे मारने का प्लान बनाया गया। इसके लिए उसके साथी कोचस प्रखंड के चितांव पंचायत के मुखिया उमेश सिंह को सुपारी दी गई। मुखिया ने पिंटू की हत्या करने के मकसद से 13 मार्च को दावत पर बुलाया। पिंटू दावत में शामिल होने अपने दोस्त राजकुमार व ओम को भी साथ लेकर गया। सैलास गांव में दावत हुई। जब तीनों शराब के नशे में हो गए तो विकास व अफजाल ने तमंचे से तीनों की गोली मारकर हत्या कर दी।

शव को पिंटू के स्कार्पियो में भरकर वाराणसी के रामनगर सामने घाट के पुल से नीचे फेंकने को ले गए। रामनगर घाट के पास पुलिस की नाकेबंदी के चलते वहां नहीं फेंक पाए। इसके बाद चुनार के नंदूपुर गांव के पास फेंक दिया।