कांग्रेस नेता ने कहा- दबाव में है नितीश कुमार इसलिए ले रहे है अनर्गल फैसले

प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है - अजीत सिंह

File Photo - Congress Leader Ajeet Singh

रोहतास पत्रिका/डेस्क:

कांग्रेस नेता अजीत सिंह ने अपने एक बयान में कहा कि अगर बिहार सरकार कुछ गलत करती है तो स्वाभविक तरीके से जनता उसका विरोध करेगी ही। एसे में इस प्रकार के अनर्गल नियम बनाने के क्या अर्थ है? हाल ही में नितीश सरकार द्वारा लिए गए फैसले को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है, जिसमें यह कहा गया था कि प्रदर्शन में शामिल लोग और प्रदर्शन के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों को सरकारी नौकरी और ठेका नहीं दिया जाएगा।  

इस पर कांग्रेस विधायक अजीत सिंह ने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि सरकार ने चुनाव के समय जो 19 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, उसमें सफल नहीं हो पाने की वजह से अब वो ऐसे अनर्गल नियम बना रहे है। उनके कथन के मुताबिक आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नितीश कुमार भाजपा के दबाव में आकर कुछ भी फैसले ले रहे है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि ना ही सरकार विरोध प्रदर्शन करने दे रही है और ना ही नौकरी देगी, तो यह साफ तौर पर तानाशाही है।

उन्होंने कहा कि इसी दबाव के कारण वो अपने मंत्रीमंडल का विस्तार भी नहीं कर पा रहे है। बिहार के डीजीपी एसके सिंघल ने विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया था कि ऐसे लोग जो बेवजह सरकार या सरकारी तंत्र के खिलाफ किसी भी प्रकार का हिंसक प्रदर्शन करते पाए गए या उसमें हिस्सा लेते है तो उन्हें सरकारी नौकरी और ठेके से वंचित कर दिया जाएगा।