बिहार: 15 मई तक सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद

school closed in bihar

 रोहतास पत्रिका/पटना:

बिहार में कोरोना वायरस की दूसरी लहर काफी तेजी से फ़ैल रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर राज्य सरकार ने आज बैठक करने के बाद बड़ा फैसला लिया है। नीतीश सरकार ने राज्य में नाईट कर्फ्यू लगाने का एलान कर दिया है। सर्वदलीय बैठक और क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।

बिहार में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।  राज्य में 15 मई तक सभी शिक्षण संस्थान को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे सख्ती के साथ लागू करने का निर्देश सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस टीम को दिया है। 

क्या खुलेंगे और क्या रहेगा बंद

  • 15 मई तक सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। वहीं, इस अवधि में किसी भी तरह की परीक्षा नहीं ली जाएगी। यह निर्देश बीपीएससी, एसएससी और तकनीकी चयन आयोग परीक्षा पर लागू नहीं होगा। 
  • पिछले वर्ष की तरह कोरोना संक्रमित मरीज मिलने वाले एरिया को बनाया जाएगा कंटेन्मेंट जोन। 
  • सभी सिनेमा हॉल, मॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पुल, पार्क और उद्यान बंद रहेंगे। 
  • रात्रि 9 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा. हालांकि यात्रा और शादी समारोह पर यह लागू नहीं होगा। 
  • रेस्टारेंट, ढाबा और भोजनालय में बैठकर खाने पर प्रतिबंध रहेगा. लेकिन होम डिलीवरी का संचालन रात्रि 9 बजे तक ही होगा। 
  • सरकारी एवं निजी कार्यालय 5 बजे तक बंद हो जाएंगे। 
  • सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी तरह के सरकारी एवं निजी आयोजन पर रोक रहेगा। यह शादी और श्राद्ध कार्यक्रम पर लागू नहीं होगा। वहीं, दफन और दाह संस्कार के लिए सिर्फ 25 लोगों की अनुमति होगी। 
  • श्राद्ध और शादी कार्यक्रम में सिर्फ 100 लोग तक अनुमति होगी।
  • मोहल्लावार दुकानें खोलने की अनुमति होगी। जिला प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा भीड़ भाड़ वाले मंडियों को बड़े इलाकों में स्थान्तरित किया जा सकेगा। 
  • नगर क्षेत्र एवं प्रखण्ड मुख्यालय में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए धारा 144 लगाया जा सकता है। 
  • आवश्यक सेवाओं जैसे परिवहन, बैंकिंग, डाक, स्वास्थ्य सेवा, मेडिसिन स्टोर, फायर, पुलिस, एम्बुलेंस आदि में छूट रहेगी। 
  • मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडल अस्पतालों में गंभीर मरीज के उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
  • होम आइसोलेशन के व्यक्ति की डेली मॉनिटरिंग की जाएगी। 
  • सभी सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में लिक्विड गैस ऑक्सीजन के प्लांट की व्यवस्था की जाएगी। 
  • बाहर से आने वाले लोगों की स्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी।