‘नहीं करने देंगे भूख का व्यापार’, मोदी के भाषण पर राकेश टिकैत

रोहतास पत्रिका/डेस्क:

उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में किसान नेता रोकेश टिकैत ने फिर एक बार कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने कहा कि वो देश में भूख का व्यापार नहीं होने देंगे। अनाज की कीमत उतनी होगी जितनी भूख होगी। साथ ही उन्होंने फसल उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कानून बनाने और नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को दोहराया है। उन्होंने कहा कि देश में भूख का व्यापार करने वालों को बाहर निकाला जाएगा, और जिस तरह विमानों के टिकटों की कीमत दिन में तीन-चार बार बदलती है, उस तरह से फसल की कीमत तय नहीं की जा सकती।

आपको बता दें कि सोमवार के दिन राज्यसभा में भाषण देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) है, एसएसपी था और एमएसपी रहेगा। उन्होंने कहा था कि नया समुदाय उभरा है जो प्रदर्शनों में लिप्त है। इस पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने कहा कि हां, इस बार ये किसान समुदाय जो उभरा है और लोग किसानों का समर्थन कर रहे है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ये कहा है कि एमएसपी को लेकर कोई कानून नहीं है जिसकी वजह से व्यवसायी कम कीमतों पर उनकी उपज खरीदकर उन्हें लूटते है।

इस मुद्दे के जाती और धर्म के आधार पर बांटने को लेकर उन्होंने कहा कि इस अभियान को पहले पंजाब के मुद्दे के रूप में दर्शाया गया, उसके बाद सिख और फिर जाट मुद्दे के रूप में इसे पेश किया गया। इस देश के किसान एकजुट है, और कोई भी किसान बड़ा या छोटा नहीं है। प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्य किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सरकार ये बात सैकड़ों बार कह चुकी है कि एमएसपी खत्म नहीं होगी, साथ ही उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि, यदि सरकार दावा कर रही है कि एमएसपी जारी रहेगी तो हमारी उपज के लिए वो न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी क्यों नहीं देती? बातचीत के मुद्दे पर वो बोले कि उचित वार्तालाप के जरिए कोई भी मुद्दा सुलझाया जा सकता है, और वार्ता बहाल करने के लिए हम तैयार है।